बीड़ी बाज़ उस्ताद : Don’t Try To Deceive By Words

सीमेंट के कट्टे रेल में लोड हो रहे थे और इस बीच एक बुजुर्ग भाईसाहब ने अपनी बीड़ी निकाल ली। मैंने कहा एक पीला दो और उन्होंने अपनी जलाने से पहले माचिस और बीड़ी मुझे दे दी। कहो तो एक पान भी ला दूँ ? पास ही में है दूकान, भाईसाहब ने कहा। - उनकी दिलेरी देख … Continue reading बीड़ी बाज़ उस्ताद : Don’t Try To Deceive By Words

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बीड़ी बाज़ उस्ताद : When Discretion Overpowers Bragging

जब जब है मिली तब तब है मारी वैसे हूँ मैं ब्रह्मचारी। - सिक्योरिटी गार्ड भाई साहब ने एक बीड़ी मुझे पिलाई, एक अपनी जलाई और ये ज्ञान की बात भी साथ में बताई। Once upon a time, there was an old bull. Along with him was a young bull and they were standing together on … Continue reading बीड़ी बाज़ उस्ताद : When Discretion Overpowers Bragging

बीड़ी बाज़ उस्ताद : Personal Peace Over Public Arguments

सूचना : नेवी कट एक ज़ोरदार सिगरेट है जो सालों से शौकीन लोग पीते आ रहे हैं ; गले पे चुभती नहीं है और कड़क भी रहती है।  हगने मूतने का कैसे करते हो भाई साहब, मैंने सड़क किनारे बैठे पनवाड़ी से पूछा।  मूतना तो यहीं खम्बे से लग कर हो जाता है मगर हगने का कार्यक्रम बिना बीड़ी पिये … Continue reading बीड़ी बाज़ उस्ताद : Personal Peace Over Public Arguments

बीड़ी बाज़ उस्ताद : Not Buy*Ing The Idea Of Buy*Ing

एक खुली बीड़ी पिला दो भाईसाहब, मैंने एक दुकानदार से कहा और उसने खुले हुए बण्डल में से एक बीड़ी निकाल कर दे दी।  बीड़ी सुलगाकर मैंने दुकानदार को एक रुपया दिया।  इसकी क्या ज़रूरत है भाईसाहब, बीड़ी तो चाहे दो पी लो।  − दुनिया कितनी भी ज़ालिम और मतलबी हो, मगर बीड़ी आज भी … Continue reading बीड़ी बाज़ उस्ताद : Not Buy*Ing The Idea Of Buy*Ing

बीड़ी बाज़ उस्ताद : Baby, Don’t Be So Uptight

एक बीड़ी हुमे भी पिला दो भाई साहब। जब एक बूढ़े सफाई वाले को बीड़ी पीते देखा, तो तलब रुक नहीं पाई और मैंने बीड़ी मांग ही ली। उस भले इंसान ने अपनी बीड़ी मुझे दे दी और बताया की वो उसकी आखरी बीड़ी थी।  कहो तो अभी जाके एक नया बण्डल ला दूं? भाई साहब … Continue reading बीड़ी बाज़ उस्ताद : Baby, Don’t Be So Uptight

बीड़ी बाज़ उस्ताद : The Issue of WHY*ing* and HOW*ing*

नोट : अगर आप को ज़िन्दगी में किसी भी परेशानी की वजह से नींद नहीं आती, तो आप अपनी औकात व जेब को ध्यान में रखते हुए 3 से 6 बीड़ी एक के बाद एक लंबे-लंबे कश लगा कर पीयें। पलंग पे लेटते ही नशे के कारण आंखें बंद हो जाएंगी और सुबह से पहले … Continue reading बीड़ी बाज़ उस्ताद : The Issue of WHY*ing* and HOW*ing*

बीड़ी बाज़ उस्ताद : Home*not*coming Of The Prodigal Son

नोट : सिगरेट की फोटो इसलिए लगाई है क्योंकि बीड़ी की फोटो लेने से पहले ही उसे पी लिया। भाई साहब एक बीड़ी मिलेगी? अब पूछ लिया है तो देनी ही पड़ेगी.... अगर अपने पास न हो, तो नया बण्डल खरीद के देनी पड़ेगी। - बीड़ी बाज़ उस्ताद शेयर करने में विशवास रखते हैं  There is … Continue reading बीड़ी बाज़ उस्ताद : Home*not*coming Of The Prodigal Son